Roothha Hua Hai Hum Se Iss Baat Pe Zamana,
Shamil Nahi Hai Humari Fitrat Me Sar Jhukana.
रूठा हुआ है हम से इस बात पर ज़माना,
शामिल नहीं है हमारी फ़ितरत में सर झुकाना।